मोना महादेव की

Monika Gupta

मोना महादेव की

कई लोगों ने मुझसे पूछा, "मोना, तूने ये लिखना कब से स्टार्ट किया और कैसे लिख लेती है तू ये।" मेरा केवल एक ही उत्तर रहता है, "मेरे महादेव मुझसे लिखने को बोल रहे है।"
शून्य। क्या है यह शून्य। मुझे आपको या हम में से किसी न किसी को जीवन में इस शून्य ने विचलित किया होगा। कभी किसी परीक्षा में या कहीं किसी अपने के द्वारा यह कहे जाने पर कि, "तू तो जीरो है तुझे कुछ नहीं आता है, तुझसे कुछ नहीं हो सकता।" वास्तव में हम निराश इस लिए होते है कि हमें लगता है कि शून्य का कोई मूल्य नहीं है शून्य का अर्थ है सब कुछ समाप्त, इसके आगे कुछ नहीं। जबकि वास्तविकता यह है कि शून्य अपने आप में बहुत बड़ा है, शून्य अपने आपमें बहुत विस्तृत है। जीवन में एक समय ऐसा भी आता है कि जब हमें लगता है कि हमारा यह जीवन ही शून्य है, परन्तु यही हम उस समय इस शून्य का महत्व समझ ले तो हम जीवन निरंतर सफलता की ओर अग्रसर होंगे।
- मोनिका गुप्ता

प्रकाशित लेख वर्ष 2022

  1. हर धड़कन कृष्ण की 19 अगस्त
  2. दिव्य प्रेम संसारी प्रेम से भिन्न है 22 अगस्त
  3. महादेव के लिए मोना का निश्छल प्यार 25 अगस्त
  4. शास्त्र प्रभु प्रेम का 29 अगस्त
  5. ज्ञान के उजाले 01 सितम्बर
  6. ईश्वर के दर्शन की प्यास 06 सितम्बर
  7. प्रभु प्रेम द्वार है परमात्मा का, ज्ञान नहीं 08 सितम्बर
  8. प्रभु की कॉल
  9. ईश्वर नाम-सुमिरण
  10. आध्यात्म माँ 14 सितम्बर
  11. तीर्थ यात्रा 15 सितम्बर
  12. भय और प्रेम 19 सितम्बर
  13. महादेव का प्रेम प्याला 23 सितम्बर
  14. बच्चों को ध्यान की शिक्षा 26 सितम्बर
  15. बच्चों का ध्यान द्वारा पालन-पोषण 29 सितम्बर
  16. नवजात शिशु के जीवन मे भावों का महत्व 05 अक्टूबर
  17. 1 से 5 वर्ष के बच्चों का पालन पोषण 10 अक्टूबर
  18. सोलह कलाएँ 17 अक्टूबर
  19. घर की स्त्री-लक्ष्मी 20 अक्टूबर
  20. महादेव स्वप्न - शुभ संकेत 26 अक्टूबर
  21. गुरु औऱ प्रभु भक्ति 01 नवंबर
  22. सद्गुरु भक्ति क्या है ? 10 नवंबर
  23. धर्म एक महाकाव्य कार्तिक पूर्णिमा है 14 नवंबर
  24. महादेव का स्वास्तिक, त्रिशूल, डमरू, चाँद और गले में साँप का अर्थ 25 नवंबर