जब मानवता को बचाने की कीमत मंगल-ग्रह तक पहुँचने की क्षमता हो, तब दो वैज्ञानिक क्या चुनेंगे?
डॉ. सुमरेश आर्यन और डॉ. सोफ़िया ऊरानाकिस मानव इतिहास के एक अत्यन्त महत्त्वाकांक्षी अभियान पर निकलते हैं। ड्यूटीरियम–हीलियम-3 संलयन से संचालित अंतरिक्ष यान MARS, चेतन कृत्रिम बुद्धिमत्ता ARES और 211 दिनों की यात्रा—लक्ष्य है मंगल की कक्षा तक पहुँचना और वहाँ मानव सभ्यता के भविष्य की नींव रखना।
लेकिन पृथ्वी पर उत्पन्न एक वैश्विक नाभिकीय संकट उनके सुव्यवस्थित अभियान को एक असम्भव नैतिक चुनाव में बदल देता है। मानवता को बचाने के लिए लिया गया निर्णय उनके अभिक्रिया-द्रव्य, नियोजित प्रक्षेपपथ और जीवित लौटने की सम्भावना—सब कुछ बदल देता है। इसके बाद आरम्भ होती है चन्द्रमा, अंतरिक्ष और चेतना की सीमाओं से गुजरती एक कठिन परीक्षा।
मंगल — The Mars Mission — उपन्यास केवल अंतरिक्ष-यात्रा की कहानी नहीं है। यह वैज्ञानिक यथार्थ, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, प्रेम, आत्म-दर्पण सम्बन्ध, बलिदान और मनुष्य बने रहने के अर्थ को जोड़ती एक रोमांचक हार्ड साइंस-फ़िक्शन कथा है।
क्या आर्यन और सोफ़िया मंगल-ग्रह तक पहुँच पाएँगे?